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النَّمل /

आयत 25

27 : 25
النَّمل आयतें 93
सूरह · النَّمل
हिन्दी · Omari
27 : 25

أَلَّاۤ يَسۡجُدُواْۤ لِلَّهِ ٱلَّذِي يُخۡرِجُ ٱلۡخَبۡءَ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَيَعۡلَمُ مَا تُخۡفُونَ وَمَا تُعۡلِنُونَ

(शैतान ने उनके कामों को उनके लिए शोभित कर दिया है) ताकि वे उस अल्लाह को सजदा न करें, जो आकाशों तथा धरती में छिपी चीज़ों को निकालता है तथा वह जानता है जो तुम छिपाते हो और जो प्रकट करते हो।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात वर्षा तथा पौधों को।