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الشعراء /

आयत 3

26 : 3
الشعراء आयतें 227
सूरह · الشعراء
हिन्दी · Omari
26 : 3

لَعَلَّكَ بَٰخِعٞ نَّفۡسَكَ أَلَّا يَكُونُواْ مُؤۡمِنِينَ

शायद (ऐ रसूल!) आप अपने आपको हलाक करने वाले हैं, इसलिए कि वे ईमान नहीं लाते।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात उनके ईमान न लाने के शोक में।