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الأنبيَاء /

आयत 42

21 : 42
الأنبيَاء आयतें 112
सूरह · الأنبيَاء
हिन्दी · Omari
21 : 42

قُلۡ مَن يَكۡلَؤُكُم بِٱلَّيۡلِ وَٱلنَّهَارِ مِنَ ٱلرَّحۡمَٰنِۚ بَلۡ هُمۡ عَن ذِكۡرِ رَبِّهِم مُّعۡرِضُونَ

आप पूछिए कि कौन है जो रात और दिन में 'रहमान' से तुम्हारी रक्षा करता है? बल्कि वे अपने पालनहार की याद से मुँह फेरने वाले हैं।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात उसकी यातना से।