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الأنبيَاء /

आयत 104

21 : 104
الأنبيَاء आयतें 112
सूरह · الأنبيَاء
हिन्दी · Omari
21 : 104

يَوۡمَ نَطۡوِي ٱلسَّمَآءَ كَطَيِّ ٱلسِّجِلِّ لِلۡكُتُبِۚ كَمَا بَدَأۡنَآ أَوَّلَ خَلۡقٖ نُّعِيدُهُۥۚ وَعۡدًا عَلَيۡنَآۚ إِنَّا كُنَّا فَٰعِلِينَ

जिस दिन हम आकाश को पंजिका के पन्नों को लपेटने की तरह लपेट देंगे। जिस तरह हमने प्रथम सृष्टि का आरंभ किया, (उसी तरह) हम उसे लौटाएँगे। यह हमारे ज़िम्मे वादा है। निश्चय हम इसे पूरा करने वाले हैं।

Explanation & meanings · 2
  1. (देखिए : सूरतुज़्-ज़ुमर, आयत : 67)
  2. नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने भाषण दिया कि लोग अल्लाह के पास बिना जूते के, नग्न तथा बिना ख़तने के एकत्र किए जाएँगे। फिर इबराहीम अलैहिस्सलाम सर्व प्रथम वस्त्र पहनाए जाएँगे। (सह़ीह़ बुख़ारी : 3349)