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البَقَرَة /

आयत 77

2 : 77
البَقَرَة आयतें 286
सूरह · البَقَرَة
हिन्दी · Omari
2 : 77

أَوَلَا يَعۡلَمُونَ أَنَّ ٱللَّهَ يَعۡلَمُ مَا يُسِرُّونَ وَمَا يُعۡلِنُونَ

और क्या वे नहीं जानते कि निःसंदेह अल्लाह जानता है, जो कुछ वे छिपाते हैं और जो कुछ ज़ाहिर करते हैं?