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البَقَرَة /

आयत 28

2 : 28
البَقَرَة आयतें 286
सूरह · البَقَرَة
हिन्दी · Omari
2 : 28

كَيۡفَ تَكۡفُرُونَ بِٱللَّهِ وَكُنتُمۡ أَمۡوَٰتٗا فَأَحۡيَٰكُمۡۖ ثُمَّ يُمِيتُكُمۡ ثُمَّ يُحۡيِيكُمۡ ثُمَّ إِلَيۡهِ تُرۡجَعُونَ

तुम अल्लाह का इनकार कैसे करते हो? जबकि तुम निर्जीव थे, तो उसने तुम्हें जीवन दिया, फिर वह तुम्हें मौत देगा, फिर तुम्हें (परलोक में) जीवित करेगा, फिर तुम उसी की ओर लौटाए जाओगे।

Explanation & meanings · 1
  1. अर्थात परलोक में अपने कर्मों का फल भोगने के लिए।