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البَقَرَة /

आयत 218

2 : 218
البَقَرَة आयतें 286
सूरह · البَقَرَة
हिन्दी · Omari
2 : 218

إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَٱلَّذِينَ هَاجَرُواْ وَجَٰهَدُواْ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ أُوْلَٰٓئِكَ يَرۡجُونَ رَحۡمَتَ ٱللَّهِۚ وَٱللَّهُ غَفُورٞ رَّحِيمٞ

निःसंदेह जो लोग ईमान लाए और जिन्होंने हिजरत की तथा अल्लाह की राह में जिहाद किया, वही अल्लाह की दया की आशा रखते हैं तथा अल्लाह अत्यंत क्षमाशील, असीम दयालु है।

Explanation & meanings · 1
  1. हिजरत का अर्थ है : अल्लाह के लिए स्वदेश त्याग देना।