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الرَّعد /

आयत 27

13 : 27

आयत 27 of الرَّعد (13 : 27). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

الرَّعد आयतें 43
सूरह · الرَّعد
हिन्दी · Omari
13 : 27

وَيَقُولُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لَوۡلَآ أُنزِلَ عَلَيۡهِ ءَايَةٞ مِّن رَّبِّهِۦۚ قُلۡ إِنَّ ٱللَّهَ يُضِلُّ مَن يَشَآءُ وَيَهۡدِيٓ إِلَيۡهِ مَنۡ أَنَابَ

और जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे कहते हैं : इसपर इसके पालनहार की ओर से कोई निशानी क्यों नहीं उतारी गई? (ऐ नबी!) आप कह दें : निःसंदेह अल्लाह जिसे चाहता है, पथभ्रष्ट कर देता है। और अपनी ओर उसे राह दिखाता है, जो उसकी ओर ध्यानमग्न हो।