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الرَّعد /

आयत 25

13 : 25
الرَّعد आयतें 43
सूरह · الرَّعد
हिन्दी · Omari
13 : 25

وَٱلَّذِينَ يَنقُضُونَ عَهۡدَ ٱللَّهِ مِنۢ بَعۡدِ مِيثَٰقِهِۦ وَيَقۡطَعُونَ مَآ أَمَرَ ٱللَّهُ بِهِۦٓ أَن يُوصَلَ وَيُفۡسِدُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِ أُوْلَٰٓئِكَ لَهُمُ ٱللَّعۡنَةُ وَلَهُمۡ سُوٓءُ ٱلدَّارِ

और जो लोग अल्लाह की प्रतिज्ञा को उसे दृढ़ करने के बाद तोड़ देते हैं और उस चीज़ को काट देते हैं, जिसे अल्लाह ने जोड़ने का आदेश दिया है और धरती में बिगाड़ पैदा करते हैं, यही लोगो हैं जिनके लिए लानत (धिक्कार) है और उन्हीं के लिए (आख़िरत का) बुरा घर है।

Explanation & meanings · 1
  1. ह़दीस में आया है कि जो व्यक्ति यह चाहता हो कि उसकी जीविका अधिक, और आयु लंबी हो, तो वह अपने संबंधो को जोड़े। (सह़ीह़ बुख़ारी : 2067, सह़ीह़ मुस्लिम : 2557)