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يُوسُف /

आयत 2

12 : 2
يُوسُف आयतें 111
सूरह · يُوسُف
हिन्दी · Omari
12 : 2

إِنَّآ أَنزَلۡنَٰهُ قُرۡءَٰنًا عَرَبِيّٗا لَّعَلَّكُمۡ تَعۡقِلُونَ

निःसंदेह हमने इस क़ुरआन को अरबी में उतारा है, ताकि तुम समझो।

Explanation & meanings · 1
  1. क्योंकि क़ुरआन के प्रथम संबोधित अरब लोग थे, फिर उनके द्वारा दूसरे सामान्य मनुष्यों को संबोधित किया गया है। तो यदि प्रथम संबोधित ही क़ुरआन नहीं समझ सकते, तो दूसरों को कैसे समझा सकते थे?