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هُود /

आयत 102

11 : 102

आयत 102 of هُود (11 : 102). This page carries the verse in the Uthmani script with a translation of its meaning, at a stable URL that can be cited on its own.

هُود आयतें 123
सूरह · هُود
हिन्दी · Omari
11 : 102

وَكَذَٰلِكَ أَخۡذُ رَبِّكَ إِذَآ أَخَذَ ٱلۡقُرَىٰ وَهِيَ ظَٰلِمَةٌۚ إِنَّ أَخۡذَهُۥٓ أَلِيمٞ شَدِيدٌ

और तेरे पालनहार की पकड़ ऐसी ही होती है, जब वह अत्याचार करने वाली बस्तियों को पकड़ता है। निःसंदेह उसकी पकड़ बहुत दर्दनाक, बहुत कठोर होती है।

Explanation & meanings · 1
  1. नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का कथन है कि अल्लाह अत्याचारी को अवसर देता है, यहाँ तक कि जब उसे पकड़ता है तो उससे बचता नहीं, और आपने फिर यही आयत पढ़ी। (सह़ीह़ बुख़ारी, ह़दीस संख्या : 4686)