102 : 2
حَتَّىٰ زُرۡتُمُ ٱلۡمَقَابِرَ
यहाँ तक कि तुम क़ब्रिस्तान जा पहुँचे।
Explanation & meanings · 1
- (1-2) इन दोनों आयतों में उनको सावधान किया गया है, जो सांसारिक धन ही को सब कुछ समझते हैं और उसे अधिकाधिक प्राप्त करने की धुन उनपर ऐसी सवार है कि मौत के पार क्या होगा, इसे सोचते ही नहीं। कुछ तो धन की देवी बनाकर उसे पूजते हैं।