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जन्नत में लगाई-बुझाई करने वाला व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा।

हुज़ैफ़ा रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, उन्होंने कहा : मैंने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को कहते हुए सुना है :

"जन्नत में लगाई-बुझाई करने वाला व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा।"

«لَا يَدْخُلُ الْجَنَّةَ قَتَّاتٌ».

इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
स्पष्टीकरण

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि लगाई-बुझाई करने वाला, जो लोगों के रिश्ते ख़राब करने के इरादे से यहाँ की बात वहाँ पहुँचाता रहता हो, इस सज़ा का हक़दार बन जाता है कि वह जन्नत में प्रवेश न करे।

शब्दों के अर्थ

...:

हदीस के कुछ फ़ायदे

लगाई-बुझाई करना कबीरा गुनाह है।

लगाई-बुझाई करने की मनाही, क्योंकि इससे रिश्ते ख़राब होते हैं तथा ये व्यक्तियों तथा समूहों के लिएहानिकारक होता है।

समीक्षक

सह़ीह़ बुख़ारी (8/ 17) (6056).

सह़ीह़ मुस्लिम (1/ 101) (105).

अधिक (8)

شرح رياض الصالحين.

لابن عثيمين (6/ 145).

فتح ذي الجلال والإكرام شرح بلوغ المرام.

لابن عثيمين (6/ 401).

توضيح الأحكام من بلوغ المرام.

للبسام (7/ 452).

منحة العلام في شرح بلوغ المرام.

لعبد الله الفوزان (10/ 273).