अतिशयोक्ति करने वाले हलाक हो गए
अब्दुल्लाह बिन मसऊद रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया :
"अतिशयोक्ति करने वाले हलाक हो गए।" आपने यह बात तीन बार कही।
«هلك المُتَنَطِّعُون» قالها ثلاثًا.
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि बिना ज्ञान और प्रमाण के अपने दीन और दुनिया तथा कथन एवं कर्म में अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की बताई हुई शरई सीमा से आगे बढ़ने वाले नाकाम व नामुराद होंगे।
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सारे ही कामों में बाल की खाल निकालना और अतिशयोक्ति करना हराम है, अतः इससे बचना चाहिए। खास तौर से इबादतों और नेक लोगों के सम्मान में।
इबादत आदि में अधिक उत्तम चीज़ करना अच्छी बात है और इसके लिए शरीयत का अनुसरण ज़रूरी है।
किसी महत्वपूर्ण बात की ताकीद करना मुसतहब है, क्योंकि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इस वाक्य को तीन बार दोहराया है।
इस्लाम एक आसान तथा उदार धर्म है।
सह़ीह़ मुस्लिम (4/ 2055) (2670).
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الجديد في شرح كتاب التوحيد.
للقرعاوي (ص180).
الملخص في شرح كتاب التوحيد.
لصالح الفوزان (ص167).
पुस्तकों में उद्धृत
4 पुस्तकेंअधिक (4)
- حراسة التوحيدإقامة البراهين على حكم من استغاث بغير الله«هَلَكَ المُتَنَطِّعُونَ» قَالَهَا ثَلَاثًا.
- رياض الصالحينرياض الصالحين مع فوائد وهدايات - 1 «هَلَكَ الْمُتَنَطِّعُونَ» قَالَهَا ثَلاَثاً.
- رياض الصالحينرياض الصالحين مع فوائد وهدايات - 8«هَلَكَ المُتَنَطِّعُونَ» قَالَهَا ثَلاثاً.
- مجموعة زاد الحديث(2)1«هلك المتنطعون - قالها ثلاثا»