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621 हदीसें

नबवी हदीसों का विश्वकोश

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"मेरी उम्मत के आख़िर में ऐसे लोग पैदा हो जाएँगे, जो ऐसी बातें बताएँगे, जो न तुमने सुनी होगी और न तुम्हारे बाप-दादाओं ने सुनी होगी। अतः तुम उनसे बचकर एवं सावधान रहना।"
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
"क्या मैं तुम्हें दज्जाल के बारे में वह बात न बताऊँ, जो किसी नबी ने अपनी जाति को नहीं बताई? वह काना होगा और वह अपने साथ जन्नत और जहन्नम से मिलती-जुलती चीज़ें लाएगा और जिसे जन्नत कहेगा, वास्तव में वह जहन्नम होगी। मैं तुम्हें उससे उसी तरह सावधान करता हूँ, जिस तरह नूह अलैहिस्सलाम ने अपनी जाति को सावधान किया था।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मेरी जान है, वह समय बहुत ही निकट है, जब तुम्हारे बीच मरयम के बेटे न्यायकारी शासक के रूप में उतरेंगे। वह सलीब तोड़ देंगे, सूअर का वध करेंगे, जिज़्या (वेशेष लगान) हटा देंगे और धन की इतनी बहुतायत हो जाएगी कि कोई उसे ग्रहण नहीं करेगा।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"क़यामत के दिन किसी बंदे के पांव उस समय तक नहीं हिलेंगे, जब तक उसकी आयु के बारे में न पूछ लिया जाए कि उसे किस काम में लगाया और उसके ज्ञान के बारे में न पूछ लिया जाए कि उससे क्या किया तथा उसके धन के बारे में न पूछ लिया जाए कि उसे कहाँ से कमाया और कहाँ खर्च किया और उसके शरीर के बारे में न पूछ लिया जाए कि उसे कहाँ खपाया?"
स़ह़ीह़ इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है
"मुसलमान से जब क़ब्र में सवाल होगा तो वह गवाही देगा कि अल्लाह के सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं है और मुहम्मद अल्लाह के रसूल हैं।" इसी को प्रभुत्वशाली अल्लाह के इस फ़रमान में बयान किया गया है : (يُثَبِّتُ اللهُ الذِينَ آمَنُوا بالقَوْلِ الثَّابِتِ في الحَيَاةِ الدُّنْيَا وفي الآخِرَةِ)। [सूरा इबराहीम : 27]
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"अल्लाह ज़मीन को अपनी मुट्ठी में ले लेगा तथा आकाशों को अपने दाएँ हाथ में लपेट लेगा और फिर कहेगा : मैं ही बादशाह हूँ। कहाँ हैं धरती के बादशाह?"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"क़यामत उस समय तक नहीं आएगी, जब तक समय इतना सिकुड़ न जाए कि साल महीने की तरह हो जाए, महीना सप्ताह की तरह हो जाए, सप्ताह दिन की तरह हो जाए, दिन घंटे की तरह हो जाए और घंटा खजूर के पत्ते को जलने में लगने वाले समय की तरह हो जाए।"
स़ह़ीह़ इसे अह़मद ने रिवायत किया है
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने किसी चीज़ का ज़िक्र किया और फ़रमाया : "यह उस समय होगा, जब ज्ञान चला जाएगा।" मैंने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! ज्ञान कैसे चला जाएगा, जबकि हम क़ुरआन पढ़ रहे हैं, अपने बच्चों को पढ़ा रहा है और हमारे बच्चे अपने बच्चों को क़यामत के दिन तक पढ़ाते रहेंगे? आपने फ़रमाया : "ऐ ज़ियाद! तुम्हारी माँ तुमपर रोए। मैं तो तुमको मदीने के सबसे समझदार लोगों में से समझता था। क्या ये यहूदी तथा ईसाई तौरात तथा इंजील को पढ़ते नहीं हैं, जबकि दूसरी तरफ़ हक़ीक़त यह है के ये लोग इन दोनों किताबों की शिक्षाओं पर अमल नहीं करते?"
स़ह़ीह़ लि-ग़ैरिही (अन्य सनदों अथवा रिवायतों से मिलकर स़ह़ीह़) इसे इब्ने माजह ने रिवायत किया है