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621 हदीसें

नबवी हदीसों का विश्वकोश

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"मैं हौज़ (तालाब) के पास ही रहूँगा, ताकि देख सकूँ कि तुममें से कौन-कौन मेरे पास पानी पीने आता है। कुछ लोगों को मेरे पास आने से रोक दिया जाएगा, तो मैं कहूँगा कि ऐ मेरे रब! ये मेरे तथा मेरी उम्मत के लोग हैं।" चुनांचे कहा जाएगा : क्या तुम्हें मालूम है कि इन लोगों ने तुम्हारे बाद क्या अमल क्या है? अल्लाह की क़सम, ये लोग अपनी एड़ियों के बल (आपके दीन से) लौटते रहे।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"ऐ बिलाल, मुझे बताओ कि तुमने इस्लाम में सबसे आशा दिलाने वाला कौन-सा अमल किया है, क्योंकि मैंने जन्नत में अपने आगे-आगे तुम्हारे जूतों की आहट सुनी है?" उन्होंने उत्तर दिया : मैंने सबसे ज़्यादा आशा दिलाने वाला जो काम किया है, वह यह है कि मैंने रात या दिन के समय जब भी वज़ू किया है, उस वुज़ू से जितनी नमाज़ मेरे नसीब में लिखी होती है, ज़रूर पढ़ी है।
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अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु अनहु ने हमें बताया कि एक व्यक्ति ने कहा : ऐ अल्लाह के नबी! काफ़िर को चेहरे के बल कैसे एकत्र किया जाएगा? आपने उत्तर दिया : "जिसने उसे दुनिया में पैरों पर चलाया, क्या वह क़यामत के दिन उसे चेहरे के बल चला नहीं सकता?" क़तादा कहते हैं : अवश्य चला सकता है, हमारे रब की प्रतिष्ठा की क़सम।
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अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम दो क़ब्रों के पास से गुज़रे, तो फ़रमाया : "इन दोनों को यातना दी जा रही है, और वह भी यातना किसी बड़े पाप के कारण नहीं दी जा रही है। दोनों में से एक पेशाब से नहीं बचता था, और दूसरा लगाई- बुझाई करता फिरता था।" फिर आपने एक ताज़ा शाखा ली, उसे आधा-आधा फाड़ा और हर एक क़ब्र में एक-एक भाग को गाड़ दिया। सहाबा ने पूछा कि ऐ अल्लाह के रसूल! आपने ऐसा क्यों किया? तो आपने जवाब दिया : "शायद इन दोनों की यातना को उस समय तक के लिए हल्का कर दिया जाए, जब तक यह दोनों शाखाएँ सूख न जाएँ।"
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मैंने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! हौज़ (तालाब) के बर्तनों के बारे में आप क्या कहेंगे? आपने कहा : "उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मुहम्मद की जान है, उसके बर्तन आकाश के तारों एवं ग्रहों से अधिक होंगे। सुन लो, मैं बात अंधेरे तथा साफ़ आकाश वाली रात की कर रहा हूँ। हौज़ के बर्तन ऐसे होंगे कि जो उनसे पानी पी लेगा, उसे कभी प्यास नहीं लगेगी। उस में जन्नत के दो परनाले गिर रहे होंगे। जो इस हौज़ का पानी पी लेगा, उसे कभी प्यास नहीं लगेगी। उसकी चौड़ाई उसकी लंबाई के समान होगी।(और यह उतना होगा जितना कि ) अम्मान और ऐला के बीच है। उसका पानी दूध से ज़्यादा सफ़ेद और शहद से ज़्यादा मीठा होगा।"
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"क़यामत के दिन लोगों के बीच सबसे पहले रक्त के बारे में निर्णय किया जाएगा।"
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"क़यामत उस समय तक क़ायम नहीं होगी, जब तक इस तरह की हालत पैदा न हो जाए कि एक व्यक्ति किसी की क़ब्र के पास से गुज़रे और कहे कि काश! इसके स्थान पर मैं होता!"
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"मोमिन को क़यामत के दिन उसके सर्वशक्तिमान पालनहार के सामने लाया जाएगा, यहाँ तक कि उसपर अपनी ओर से पर्दा डाल देगा और उससे उसके गुनाहों का इक़रार कराते हुए पूछेगा : क्या तुम इस गुनाह को जान रहे हो? क्या तुम (इस गुनाह को) जान रहे हो? वह कहेगा : ऐ मेरे पालनहार! मैं जान रहा हूँ। चुनांचे अल्लाह फ़रमाएगा कि मैंने दुनिया में तुम्हारे इस गुनाह पर पर्दा डाल रखा था और आज मैं उसे तुम्हारे लिए माफ़ करता हूँ। फिर उसे उसकी नेकियों का रजिस्टर दिया जाएगा। रही बात अविश्वासियों एवं मुनाफ़िक़ों की, तो उनके बारे में सारी सृष्टि के सामने इस बात की घोषणा कर दी जाएगी कि इन लोगों ने अल्लाह पर झूठ बाँधा था।"
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