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621 हदीसें

नबवी हदीसों का विश्वकोश

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हदीस का दर्जा

मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से नेकी और गुनाह के बारे में पूछा, तो आपने उत्तर दिया : "नेकी तो अच्छा व्यवहार है और गुनाह वह है जो तेरे दिल में खटके और तुझे यह बुरा लगे कि लोग उसे जान जाएँ।"
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
"भलाई का प्रत्येक कार्य सदक़ा है।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी ने जाबिर (रज़ियल्लाहु अन्हु) से और मुस्लिम ने हुज़ैफ़ा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत किया है
"मुसलमान वह है, जिसकी ज़बान और हाथ से मुसलमान सुरक्षित रहें और मुहाजिर वह है, जो अल्लाह की मना की हुई चीज़ें छोड़ दे।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"निस्संदेह, हलाल स्पष्ट है और हराम भी स्पष्ट है तथा दोनों के बीच कुछ चीज़ें अस्पष्ट हैं, जिन्हें बहुत से लोग नहीं जानते। अतः, जो अस्पष्ट चीज़ों से बचा, उसने अपने धर्म और प्रतिष्ठा की रक्षा कर ली तथा जो अस्पष्ट चीज़ों में पड़ गया, वह हराम में पड़ गया। जैसे एक चरवाहा सुरक्षित चरागाह (पशुओं के चरने का स्थान) के आस-पास जानवर चराए, तो संभावना रहती है कि जानवर उसके अंदर चले जाएँ। सुन लो, हर बादशाह की सुरक्षित चरागाह होती है। सुन लो, अल्लाह की सुरक्षित चरागाह उसकी हराम की हुई चीज़ें हैं। सुन लो, शरीर के अंदर मांस का एक टुकड़ा है, जब वह सही रहेगा, तो पूरा शरीर सही रहेगा और जब वह बिगड़ेगा तो पूरा शरीर बिगड़ेगा। सुन लो, मांस का वह टुकड़ा, दिल है।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
मैंने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछा कि अल्लाह के निकट सबसे अधिक कौन-सा कर्म प्रिय है? आपने उत्तर दिया : "समय पर नमाज़ पढ़ना।" मैंने पूछा : फ़िर काैन-सा? फ़रमाया : "माँ-बाप के साथ अच्छा व्यवहार करना।" मैंने पूछा : फ़िर कौन-सा? फ़रमाया : "अल्लाह के रास्ते में जिहाद करना।" अब्दुल्लाह बिन मसऊद कहते हैं : अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुझे यह बातें बताईं। यदि मैं और पूछ्ता, तो आप और बताते।
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
जब मुअज़्ज़िन "اللهُ أَكْبَرُ اللهُ أَكْبَرُ" (अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर) कहता है और (उसके उत्तर में) तुममें से कोई "اللهُ أَكْبَرُ اللهُ أَكْبَرُ" (अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर) कहता है, फिर मुअज़्ज़िन "أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللهُ" (अश्हदु अल-लाइलाहा इल्लल्लाह) कहता है और वह "أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللهُ" (अश्हदु अल-लाइलाहा इल्लल्लाह) कहता है, फिर मुअज़्ज़िन "أَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا رَسُولُ اللهِ" (अश्हदु अन्ना मुहम्मदर-रसूलुल्लाह) कहता है और वह "أَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا رَسُولُ اللهِ" (अश्हदु अन्ना मुहम्मदर-रसूलुल्लाह) कहता है, फिर मुअज़्ज़िन "حَيَّ عَلَى الصَّلَاةِ" (हैय्या अलस्स्लाह) कहता है और वह "لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللهِ" (ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह) कहता है, फिर मुअज़्ज़िन "حَيَّ عَلَى الْفَلَاحِ" (हैय्या अलल -फलाह) कहता है और वह "لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللهِ" (ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह) कहता है, फिर मुअज़्ज़िन "اللهُ أَكْبَرُ اللهُ أَكْبَرُ" (अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर) कहता है और वह "اللهُ أَكْبَرُ اللهُ أَكْبَرُ" (अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर) कहता है, फिर मुअज़्ज़िन "لَا إِلَهَ إِلَّا اللهُ" (लाइलाहा इल्लल्लाह) कहता है और वह सच्चे दिल से "لَا إِلَهَ إِلَّا اللهُ" (लाइलाहा इल्लल्लाह) कहता है, तो वह जन्नत में दाख़िल हो जाता है।
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
"जन्नत में लगाई-बुझाई करने वाला व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
मैं एक यात्रा में अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ था। मैंने आपके मोज़े उतारने के लिए हाथ बढ़ाए, तो आपने फ़रमाया : "इन्हें रहने दो; क्योंकि मैंने इन्हें वज़ू की हालत में पहने थे।" फिर आपने उनपर मसह किया।
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है