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621 हदीसें

नबवी हदीसों का विश्वकोश

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हदीस का दर्जा

नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने एक सेना भेजी, उसका सेनापति एक अन्सारी व्यक्ति को नियुक्त किया तथा लोगों को आदेश दिया कि उसका अनुसरण करें। (एक बार सेनापति को) ग़ुस्सा आ गया। उसने लोगों से पूछा : क्या नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने तुम्हें मेरा अनुसरण करने का आदेश नहीं दिया है? लोगों ने उत्तर दिया : अवश्य दिया है। उसने कहा : तुम मेरे लिए लकड़ियाँ जमा करो। लोगों ने (लकड़ियाँ) जमा कर दीं। उसने कहा : आग सुलगाओ। लोगों ने आग सुलगा दी। फिर उसने कहा : उसमें कूद जाओ। लोगों ने कूदने का इरादा कर लिया, लेकिन फिर एक-दूसरे को रोकने लगे और कहने लगे : हम तो आग से ही भागकर नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास आए हैं। वे इसी कशमकश में थे कि आग बुझ गई और उसका गुस्सा भी ठंडा पड़ गया। फिर जब नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम तक यह बात पहुँची, तो आपने फ़रमाया : "अगर वो उस आग में घुस जाते तो क़यामत तक उससे निकल न पाते। अनुसरण केवल शरीअत सम्मत कार्यों में किया जाएगा।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"कल मैं झंडा एक ऐसे आदमी को दूँगा, जिसके हाथ पर अल्लाह विजय प्रदान करेगा। उसे अल्लाह तथा उसके रसूल से प्रेम है तथा अल्लाह एवं उसके रसूल को भी उससे प्रेम है।" सहाबा रात भर यह अनुमान लगाते रहे कि झंड़ा किसे दिया जा सकता है? सुबह सब लोग नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास पहुँचे। हर व्यक्ति आशान्वित था कि झंडा उसे ही दिया जाएगा। लेकिन आपके मुँह से निकला : "अली बिन अबू तालिब कहाँ हैं?" कहा गया कि ऐ अल्लाह के रसूल! उनकी आँखें दुख रही हैं। आपने कहा : "उसे बुला भेजो।" उन्हें उपस्थित किया गया, तो आपने उनकी आँखों में अपना मुखस्राव डाल दिया और दुआ कर दी। नतीजे में वह ऐसे ठीक हो गए, जैसे उन्हें कोई परेशानी थी ही नहीं। आपने उन्हें झंडा थमा दिया। ऐसे में अली रज़ियल्लाहु अनहु ने कहा : क्या मैं उनसे उस समय तक लड़ूँ, जब तक वे हम जैसे न हो जाएँ? आपने कहा : "आराम से चल पड़ो। जब ख़ैबर के मैदान में पहुँच जाओ, तो उन्हें इस्लाम ग्रहण करने का आमंत्रण देना और उनपर अल्लाह के जो अधिकार हैं, उन्हें उनसे अवगत करना। अल्लाह की क़सम, अल्लाह तुम्हारे द्वारा यदि एक भी व्यक्ति को हिदायत दे दे, तो यह तुम्हारे लिए लाल ऊँटों से उत्तम है।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है