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621 हदीसें

नबवी हदीसों का विश्वकोश

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हे अल्लाह के रसूल! साद की माता मृत्यु को प्राप्त हो चुकी है। ऐसे में कौन-सा सदक़ा सर्वश्रेष्ठ है? फ़रमाया : "पानी।" कहते हैं कि उन्होंने एक कुआँ खुदवा दिया और कह दिया कि यह कुआँ साद की माता के लिए है।
सभी सनदों के आधार पर ह़सन इस ह़दीस़ को अबू दावूद, नसई और इब्न-ए-माजह ने रिवायत किया है
"अपने बच्चों को नमाज़ का आदेश दो, जब उनकी आयु सात साल हो जाए, और उन्हें उसके लिए मारो, जब उनकी आयु दस साल हो जाए तथा उनके बिसतर अलग कर दो।"
ह़सन इसे अबू दावूद ने रिवायत किया है
"अल्लाह तआला ने कुछ चीज़ें फ़र्ज़ की हैं; उन्हें नष्ट न करो, कुछ शरई दंड निर्धारित किए हैं; उनका उल्लंघन न करो, कुछ चीज़ें हराम की हैं; उनके निकट न जाओ और कुछ चीज़ों से जान-बूझकर, तुम्हारे ऊपर दयास्वरूप खामोशी बरती है; अतः उन्हें मत कुरेदो।"
अल्लामा नववी रह़िमहुल्लाह कहते हैं : ह़दीस़ ह़सन है। इस ह़दीस़ को दाराक़ुतनी ने अपनी सुनन में तथा अन्य ने रिवायत किया है
"अमल छह प्रकार के हैं और लोग चार प्रकार के हैं। रही बात छह आमाल की, तो उनमें से दो प्रकार के अमल वाजिब करने वाले हैं, दो प्रकार के अमल बराबर-बराबर हैं, एक प्रकार का अमल ऐसा नेक अमल है कि उसका सवाब दस गुना मिलता है और एक प्रकार का अमल ऐसा नेक अमल है कि उसका सवाब सात सौ गुना मिलता है। जहाँ तक दो वाजिब करने वाले अमल की बात है, तो जो व्यक्ति इस अवस्था में दुनिया से मृत्यु को प्राप्त हुआ कि किसी को अल्लाह का साझी नहीं ठहराया, वह जन्नत में जाएगा और जो इस अवस्था में दुनिया से मृत्यु पाया कि किसी को अल्लाह का साझी ठहराया, वह जहन्नम में जाएगा। जहाँ तक बराबर-बराबर वाले दो अमल की बात है, तो ध्यान में रहे कि जिसने किसी नेकी के काम की इस तरह नीयत कर ली कि उसके दिल ने उसे महसूस किया और अल्लाह ने उसकी नीयत को जाना, तो उसके लिए एक नेकी लिखी जाएगी। इसी तरह जिसने कोई बुरा काम किया, उसके लिए एक गुनाह लिखा जाएगा। पाँचवें प्रकार का अमल यह है कि जिसने कोई नेकी का काम कर लिया, उसे उस नेकी के काम का सवाब दस गुना दिया जाएगा। और छठे प्रकार का अमल यह है कि जिसने अल्लाह के रास्ते में कोई चीज़ खर्च की, उसे इस एक अच्छे काम का सवाब सात सौ गुना मिलेगा। जहाँ तक चार प्रकार के लोगों की बात है, तो कुछ लोग दुनिया में खुशहाल हैं और आख़िरत में कंगाल होंगे, कुछ लोग दुनिया में कंगाल हैं और आख़िरत में खुशहाल होंगे, कुछ लोग दुनिया में भी कंगाल हैं और आख़िरत में भी कंगाल होंगे, जबकि कुछ लोग दुनिया में भी खुशहाल हैं और आख़िरत में भी खुशहाल होंगे।
ह़सन इसे अह़मद ने रिवायत किया है
अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने एक व्यक्ति को सफ़ के पीछे अकेले नमाज़ पढ़ते हुए देखा, तो उसे नमाज़ दोहराने का आदेश दिया।
ह़सन इस ह़दीस़ को अबू दावूद, तिर्मिज़ी, इब्न-ए-माजह और अह़मद ने रिवायत किया है
"अल्लाह की बंदियों को अल्लाह की मस्जिदों से न रोको, लेकिन वे बिना सुगंध लगाए निकलें।"
ह़सन इसे अबू दावूद ने रिवायत किया है
"अगर लोगों को उनके दावों के आधार पर दे दिया जाए तो कुछ लोग, लोगों की जान और माल तक का दावा करने लगें। लेकिन, दावा करने वाले को प्रमाण देना है और इनकार करने वाले को क़सम खानी है।"
ह़सन इसे बैहक़ी आदि ने रिवायत किया है, तथा इसका कुछ भाग स़ह़ीह़ैन (स़ह़ीह़ बुख़ारी और स़ह़ीह़ मुस्लिम) में भी है।
मैंने पूछा : ऐ अल्लाह के रसूल! हम में से किसे एक के ऊपर उसकी पत्नी के किया अधिकार हैं? आपने उत्तर दिया : "जब तुम खाओ तो उसे खिलाओ, जब तुम पहनो या फ़रमाया जब तुम कमाओ तो उसे पहनाओ, चेहरे पर न मारो, बुरा-भला न कहो और उसे बिस्तर से अलग करके घर के सिवा कहीं और न रखो।"
ह़सन इस ह़दीस़ को अबू दावूद, इब्न-ए-माजह और अह़मद ने रिवायत किया है