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621 हदीसें

नबवी हदीसों का विश्वकोश

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''जब जन्नती जन्नत में प्रवेश कर जाएँगे, तो एक पुकारने वाला पुकार कर कहेगा : तुम सदा स्वस्थ रहोगे, कभी बीमार नहीं होगे। तुम सदा जीवित रहोगे तथा कभी मरोगे नहीं। तुम सदा जवान रहोगे, कभी बूढ़े नहीं होगे। तुम सदा सुख-सुविधाओं के आनंद में रहोगे, कभी परेशानी का सामना नहीं करोगे।'' अल्लाह तआला का फरमान है : {उन्हें पुकार कर कहा जाएगा : यही वह जन्नत है, जिसके वारिस तुम उसके कारण बनाए गए हो, जो तुम किया करते थे।} [सूरा अल-आराफ़ : 43]
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
"जो अल्लाह से इस अवस्था में मिलेगा कि किसी को उसका साझी न बनाया होगा, वह जन्नत में प्रवेश करेगा और जो उससे इस अवस्था में मिलेगा कि किसी को उसका साझी ठहराया होगा, वह जहन्नम में प्रवेश करेगा।"
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
"जब जन्नती जन्नत में दाख़िल हो जाएँगे, तो उच्च एवं बरकत वाला अल्लाह कहेगा : क्या मैं तुम्हें और भी कोई चीज़ दूँ? वे कहेंगे : क्या तूने हमारे चेहरे रौशन नहीं कर दिए? क्या तूने हमें जन्नत में दाख़िल नहीं किया और जहन्नम से मुक्ति नहीं दी? तब अल्लाह पर्दा हटा देगा, तो उन्हें ऐसा लगेगा कि उन्हें अपने सर्वशक्तिमान एवं महान रब के दर्शन से उत्तम कोई वस्तु दी नहीं गई है।"
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से पूछा गया कि कौन-सी चीज़ लोगों को जन्नत में सबसे अधिक प्रवेश कराएगी, तो आपने कहा : “अल्लाह का डर और अच्छा व्यवहार।” इसी तरह आपसे पूछा गया कि कौन-सी चीज़ लोगों को जहन्नम में सबसे अधिक प्रवेश कराएगी, तो आपने कहा : “मुँह और गुप्तांग।”
ह़सन सह़ीह़ इसे तिर्मिज़ी, इब्न-ए-माजह और अह़मद ने रिवायत किया है
"मैंने जहन्नम के दो प्रकार के लोगों को नहीं देखा : एक वह लोग जिनके पास गाय की पूँछ जैसे कोड़े होंगे और वह लोगों को उससे मारेंगे। दूसरे वह महिलाएँ जो वस्त्र में होकर भी नंगी होंगी। दूसरों को अपनी ओर आकर्षित करेंगी और स्वयं दूसरों की तरफ आकर्षित होंगी। उनके सिर बुख़्ती ऊँट के कोहानों की तरह ऊँचे होंगे। वे जन्नत अवश्य नहीं जाएंगी और न जन्नत की सुगंध पाएँगी, जबकि उसकी सुगंध इतनी और इतनी दूरी से मिलती है।"
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
हम अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ थे कि अचानक कुछ गिरने की आवाज़ सुनाई दी। चुनांचे आपने फरमाया : "क्या तुम जानते हो कि यह क्या है?" हमने कहा : अल्लाह एवं उसका रसूल बेहतर जानते हैं। फ़रमाया : "यह एक पत्थर है, जो सत्तर साल पहले जहन्नम में फेंका गया था। वह अब तक गिरता रहा और अब जाकर उसकी गहराई में जा पहुँचा है।"
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
"जिसने इस बात की गवाही दी कि केवल अल्लाह ही सत्य पूज्य है, उसका कोई साझी नहीं है, एवं मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अल्लाह के बंदे और उसके रसूल हैं, और ईसा भी अल्लाह के बंदे, उसके रसूल तथा उसका शब्द हैं, जिसे उसने मरयम की ओर डाला था और उसकी ओर से भेजी हुई आत्मा हैं, तथा जन्नत और जहन्नम सत्य हैं, ऐसे व्यक्ति को अल्लाह जन्नत में दाख़िल करेगा, चाहे उसका अमल जैसा भी रहा हो।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"क़यामत के दिन एक व्यक्ति लाया जाएगा तथा उसे जहन्नम में फेंक दिया जाएगा, जिससे उसके पेट की अंतड़ियाँ बाहर निकल आएँगी और वह उन्हें लेकर ऐसे घूम रहा होगा, जैसे गधा चक्की के चारों ओर घूमता है। ऐसे में, सारे जहन्नमी उसके पास एकत्र हो जाएँगे और कहेंगे : ऐ अमुक, तेरे साथ ऐसा कैसे हुआ? क्या ऐसा नहीं है कि तू भलाई का आदेश देता था और बुराई से रोकता था? वह उत्तर देगा : हाँ, मैं दूसरों को भलाई का आदेश तो देता था, किन्तु स्वयं उसपर अमल नहीं करता था तथा दूसरों को बुराई से रोकता था, किंतु स्वयं उसमें लिप्त हो जाता था।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है