Skip to content
621 हदीसें

नबवी हदीसों का विश्वकोश

परिणाम फ़िल्टर करें

621 में से 3 कार्ड

फ़िल्टर हटाएँ

हदीस का दर्जा

एक दिन अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मिंबर पर बैठे और हम भी आपके आस-पास बैठ गए। इस बीच आपने फ़रमाया : "मैं अपने बाद तुम्हारे बारे में जिन चीज़ों से डरता हूँ, उनमें से एक दुनिया की चमक-दमक और उसकी माया के दरवाज़ों का खुलना है।" यह सुन एक व्यक्ति ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! क्या भलाई भी बुराई लाती है? यह सुन कर अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ख़ामोश हो गए। यह देख उनसे कहा गया : क्या बात है कि तुम अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से बात कर रहे हो और वह तुमसे बात नहीं कर रहे हैं? इस बीच हमने देखा कि आपपर वह्य उतर रही है। फिर आपने पेशानी से पसीना पोंछा और उसके बाद फ़रमाया : "प्रश्न करने वाला कहाँ है?" एक तरह से आपने उसकी प्रशंसा की और उसके बाद फ़रमाया : "भलाई बुराई नहीं लाती। दरअसल जो घास मौसम-ए-बहार में पैदा होती है, वह जान ले लेती है या विनाश के निकट पहुँचा देती है। अलबत्ता, उस जानवर का नुक़सान नहीं होता, जो घास खाता है और जब उसकी दोनों कोख भर जाती है, तो सूरज की ओर मुँह करके जुगाली करना शुरू कर देता है, फिर लीद और पेशाब करता है और उसके बाद दोबारा खाता है। निस्संदेह यह धन हरा-भरा और मीठा है। एक मुसलमान के लिए वह धन बहुत अच्छा है, जो उसने निर्धन, यतीम और यात्री को दिया। (या फिर इसी तरह की कोई बात अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने कही।) लेकिन जिसने उसे अवैध रूप से लिया, वह उस व्यक्ति की तरह है, जो खाता तो है, लेकिन उसका पेट नहीं भरता। इस तरह का धन क़यामत के दिन इन्सान के विरुद्ध गवाही देगा।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"कुछ लोग अल्लाह के धन को नाहक़ ख़र्च करते हैं। उन्हीं लोगों के लिए क़यामत के दिन जहन्नम है।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का बिस्तर चमड़े का था और उसकी भराई खजूर की छाल की थी। जबकि मुस्लिम की रिवायत में है : अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का तकिया, जिस पर आप टेक लगाते थे, चमड़े का था, जिसकी भराई खजूर की छाल थी।
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है