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621 हदीसें

नबवी हदीसों का विश्वकोश

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"जो बातें मैं तुम्हें बताना छोड़ दूँ, उनके बारे में तुम मुझे मेरे हाल पर रहने दो, क्योंकि तुमसे पहले के लोगों को केवल इसी बात ने विनष्ट किया कि वे अत्यधिक प्रश्न करते और अपने नबियों से मतभेद करते थे। अतः, जब मैं किसी चीज़ से मना करूँ तो उससे बचते रहो और जब किसी चीज़ का आदेश दूँ तो जहाँ तक हो सके, उसका पालन करो।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"सबसे उत्तम दिन जिसमें सूरज निकला, जुमा का दिन है। इसी दिन आदम पैदा हुए, इसी दिन जन्नत में दाख़िल हुए और इसी दिन वहाँ से निकाले गए। क़यामत भी जुमा के दिन ही क़ायम होगी।"
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने जब मुआज़ बिन जबल रज़ियल्लाहु अनहु को यमन की ओर भेजा, तो उनसे फ़रमाया : "तुम एक ऐसे समुदाय के पास जा रहे हो, जिसे इससे पहले किताब दी जा चुकी है। अतः, पहुँचने के बाद सबसे पहेल उन्हें इस बात की गवाही देने की ओर बुलाना कि अल्लाह के सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं है और मुहम्मद अल्लाह के रसूल हैं। अगर वे तुम्हारी बात मान लें, तो उन्हें बताना कि अल्लाह ने उनपर प्रत्येक दिन एवं रात में पाँच वक़्त की नमाजें फ़र्ज़ की हैं। अगर वे तुम्हारी यह बात मान लें, तो बताना कि अल्लाह ने उनपर ज़कात फ़र्ज़ की है, जो उनके धनी लोगों से ली जाएगी और उनके निर्धनों को लौटा दी जाएगी। अगर वे तुम्हारी इस बात को भी मान लें, तो उनके उत्कृष्ट धनों से बचे रहना। तथा मज़लूम की बददुआ से बचना। क्योंकि उसके तथा अल्लाह के बीच कोई आड़ नहीं होती।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"हर चीज़ तक़दीर के अनुसार सामने आती है, यहाँ तक कि अक्षमता तथा सक्षमता भी या सक्षमता तथा अक्षमता भी।"
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
मैंने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! हौज़ (तालाब) के बर्तनों के बारे में आप क्या कहेंगे? आपने कहा : "उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मुहम्मद की जान है, उसके बर्तन आकाश के तारों एवं ग्रहों से अधिक होंगे। सुन लो, मैं बात अंधेरे तथा साफ़ आकाश वाली रात की कर रहा हूँ। हौज़ के बर्तन ऐसे होंगे कि जो उनसे पानी पी लेगा, उसे कभी प्यास नहीं लगेगी। उस में जन्नत के दो परनाले गिर रहे होंगे। जो इस हौज़ का पानी पी लेगा, उसे कभी प्यास नहीं लगेगी। उसकी चौड़ाई उसकी लंबाई के समान होगी।(और यह उतना होगा जितना कि ) अम्मान और ऐला के बीच है। उसका पानी दूध से ज़्यादा सफ़ेद और शहद से ज़्यादा मीठा होगा।"
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
"क़यामत के दिन लोगों के बीच सबसे पहले रक्त के बारे में निर्णय किया जाएगा।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"लोगों के अंदर कुफ़्र की दो बातें पाई जाती रहेंगी : किसी के कुल पर कटाक्ष करना, तथा मरे हुए व्यक्ति पर विलाप करना।"
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
"क़यामत उस समय तक क़ायम नहीं होगी, जब तक इस तरह की हालत पैदा न हो जाए कि एक व्यक्ति किसी की क़ब्र के पास से गुज़रे और कहे कि काश! इसके स्थान पर मैं होता!"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है