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621 हदीसें

नबवी हदीसों का विश्वकोश

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“अल्लाह के निकट सबसे प्रिय वाक्य चार हैं : सुबहान अल्लाह (अल्लाह पाक है), अल-हम्दु लिल्लाह (समस्त प्रकार की प्रशंसा अल्लाह ही के लिए हैं), ला इलाहा इल्लल्लाह (अल्लाह के अतिरिक्त कोई सच्चा पूज्य नहीं है) और अल्लाहु अकबर (अल्लाह सबसे बड़ा है)। इनमें से जिस से चाहो आरंभ करो, हानि की कोई बात नहीं है ”
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब सुबह करते, तो यह दुआ पढ़ते : "ऐ अल्लाह! हमने तेरे (अनुग्रह के) साथ सुबह की और तेरे ही (अनुग्रह के) साथ शाम की और हम तेरे ही (नाम) से जीते हैं और तेरे ही (नाम) से मरते हैं, और हमें तेरी ही ओर उठकर जाना है।" और जब शाम करते, तो यह दुआ पढ़ते : “ऐ अल्लाह! हमने तेरे (अनुग्रह के) साथ शाम की और तेरे ही (अनुग्रह के) साथ सुबह की और हम तेरे ही (नाम) से जीते हैं और तेरे ही (नाम) से मरते हैं, और हमें तेरी ही ओर उठकर जाना है। फ़रमाया : और दूसरी बार (कहा:) "तेरी ही ओर लौटकर जाना है।”
ह़सन इसे अबू दावूद ने, तिर्मिज़ी ने तथा नसई ने अल-सुनन अल-कुबरा में एवं इब्न-ए-माजह ने रिवायत किया है
मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से नेकी और गुनाह के बारे में पूछा, तो आपने उत्तर दिया : "नेकी तो अच्छा व्यवहार है और गुनाह वह है जो तेरे दिल में खटके और तुझे यह बुरा लगे कि लोग उसे जान जाएँ।"
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
"ज्ञान इसलिए न अर्जित करो कि उलेमा से बहस कर सको और अज्ञान लोगों से झगड़ सको। इसके द्वारा सभाओं में श्रेष्ठ स्थानों पर क़ब्ज़ा न करो। जिसने ऐसा किया, उसका ठिकना जहन्नम है, उसका ठिकाना जहन्नम है।"
स़ह़ीह़ इसे इब्ने माजह ने रिवायत किया है
"बंदा अपने रब से सबसे अधिक निकट उस समय होता है, जब वह सजदे में होता है। अतः तुम उसमें ख़ूब दुआएँ किया करो।"
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
"निस्संदेह, हलाल स्पष्ट है और हराम भी स्पष्ट है तथा दोनों के बीच कुछ चीज़ें अस्पष्ट हैं, जिन्हें बहुत से लोग नहीं जानते। अतः, जो अस्पष्ट चीज़ों से बचा, उसने अपने धर्म और प्रतिष्ठा की रक्षा कर ली तथा जो अस्पष्ट चीज़ों में पड़ गया, वह हराम में पड़ गया। जैसे एक चरवाहा सुरक्षित चरागाह (पशुओं के चरने का स्थान) के आस-पास जानवर चराए, तो संभावना रहती है कि जानवर उसके अंदर चले जाएँ। सुन लो, हर बादशाह की सुरक्षित चरागाह होती है। सुन लो, अल्लाह की सुरक्षित चरागाह उसकी हराम की हुई चीज़ें हैं। सुन लो, शरीर के अंदर मांस का एक टुकड़ा है, जब वह सही रहेगा, तो पूरा शरीर सही रहेगा और जब वह बिगड़ेगा तो पूरा शरीर बिगड़ेगा। सुन लो, मांस का वह टुकड़ा, दिल है।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"जब जन्नती जन्नत में दाख़िल हो जाएँगे, तो उच्च एवं बरकत वाला अल्लाह कहेगा : क्या मैं तुम्हें और भी कोई चीज़ दूँ? वे कहेंगे : क्या तूने हमारे चेहरे रौशन नहीं कर दिए? क्या तूने हमें जन्नत में दाख़िल नहीं किया और जहन्नम से मुक्ति नहीं दी? तब अल्लाह पर्दा हटा देगा, तो उन्हें ऐसा लगेगा कि उन्हें अपने सर्वशक्तिमान एवं महान रब के दर्शन से उत्तम कोई वस्तु दी नहीं गई है।"
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
मैंने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! मुझसे इस्लाम के बारे में एक ऐसी बात कहें, जिसके बारे में मुझे किसी और से पूछने की ज़रूरत न पड़े। आपने फ़रमाया : "तुम कहो कि मैं अल्लाह पर ईमान लाया और फिर इसपर मज़बूती से क़ायम रहो।"
स़ह़ीह़ इसे मुस्लिम और अह़मद ने रिवायत किया है