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621 हदीसें

नबवी हदीसों का विश्वकोश

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जिसमें वर्णित है

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“सय्यदुल इस्तिग़फार (सर्वश्रेष्ठ क्षमायाचना) यह है कि बंदा इस प्रकार कहे : ऐ अल्लाह, तू ही मेरा रब है। तेरे सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं है। तू ने ही मेरी रचना की है और मैं तेरा बंदा हूँ। मैं तुझसे की हुई प्रतिज्ञा एवं वादे को हर संभव पूरा करने का प्रयत्न करूँगा। मैं अपने कर्म की बुराई से तेरी शरण चाहता हूँ। मैं तेरी ओर से दी जाने वाली नेमतों (अनुग्रहों) का तथा अपनी ओर से किए जाने वाले पापों का इक़रार करता हूँ। तू मुझे माफ कर दे, क्योंकि तेरे सिवा पापों को क्षमा करने वाला कोई नहीं।” आपने कहा : "जिसने इसे विश्वास के साथ दिन में कहा और उसी दिन शाम से पहले मर गया, वह जन्नतवासी है। और जिसने इसे विश्वास के साथ रात में कहा और सुबह होने से पहले मर गया, वह जन्नतवासी है।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है