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621 हदीसें

नबवी हदीसों का विश्वकोश

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"मुसलमान वह है, जिसकी ज़बान और हाथ से मुसलमान सुरक्षित रहें और मुहाजिर वह है, जो अल्लाह की मना की हुई चीज़ें छोड़ दे।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"जन्नत में लगाई-बुझाई करने वाला व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"बुरे गुमान से बचो, क्योंकि बुरा गुमान सबसे झूठी बात है। किसी की छुपी हुई बातों को देखने और सुनने का प्रयास मत करो, किसी की कमियों-कोताहियों के पीछे न पड़ो, एक-दूसरे से ईर्ष्या मत करो, एक-दूसरे से मुँह न फेरो, एक-दूसरे से कीना-कपट न रखो और अल्लाह के बंदो! भाई-भाई बनकर रहो।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
हम एक ग़ज़्वा में थे कि मुहाजिरीन में से एक व्यक्ति ने एक अंसारी व्यक्ति को पीछे से मार दिया। इसपर अंसारी ने पुकारा : ऐ अंसारियो! और मुहाजिर ने पुकारा : ऐ मुहाजिरीन! अल्लाह ने यह बात अपने रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को सुनवा दी, तो आपने पूछा : "यह क्या है?" लोगों ने बताया मुहाजिरीन में से एक व्यक्ति ने एक अंसारी को पीछे से मार दिया, तो अंसारी ने पुकारा : ऐ अंसारियो! और मुहाजिर ने पुकारा : ऐ मुहाजिरीन! यह सुनकर नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "इसे छोड़ दो, क्योंकि यह एक बदबूदार चीज़ है।" जाबिर (रज़ियल्लाहु अन्हु) कहते हैं कि जब नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम (मदीना) आए थे, तो अंसार की संख्या अधिक थी, फिर बाद में मुहाजिरीन की संख्या बढ़ गई। यह सुनकर अब्दुल्लाह बिन उबैइ ने कहा : क्या उन्होंने ऐसा कर ही दिया? अल्लाह की क़सम! अगर हम मदीना वापस लौटे, तो इज़्ज़त वाला वहाँ से ज़लील को ज़रूर निकाल देगा। यह सुनकर उमर बिन ख़त्ताब रज़ियल्लाहु अन्हु ने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! मुझे इजाज़त दें कि मैं इस मुनाफ़िक़ की गर्दन उड़ा दूँ। नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "इसे छोड़ दो, ताकि लोग यह न कहें कि मुहम्मद अपने साथियों को क़त्ल करते हैं।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
"जिसने जान-बूझकर मुझपर झूठ बोला, वह अपना ठिकाना जहन्नम बना ले।"
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से पूछा गया कि कौन-सी चीज़ लोगों को जन्नत में सबसे अधिक प्रवेश कराएगी, तो आपने कहा : “अल्लाह का डर और अच्छा व्यवहार।” इसी तरह आपसे पूछा गया कि कौन-सी चीज़ लोगों को जहन्नम में सबसे अधिक प्रवेश कराएगी, तो आपने कहा : “मुँह और गुप्तांग।”
ह़सन सह़ीह़ इसे तिर्मिज़ी, इब्न-ए-माजह और अह़मद ने रिवायत किया है
मैं अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ बैठा हुआ था और (निकट ही) दो व्यक्ति एक-दूसरे को गाली गलौज कर रहे थे। उनमें एक व्यक्ति का चेहरा ग़ुस्से के कारण लाल हो गया था और उसकी रगें फूल गई थीं। यह देख अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : "मुझे एक ऐसा वाक्य मालूम है कि अगर यह व्यक्ति उसे पढ़ ले, तो इसका ग़ुस्सा ठंडा हो जाए। अगर इसने कहा : मैं शैतान से अल्लाह की शरण में आता हूँ। तो इसका ग़ुस्सा ठंडा हो जाएगा।" अतः लोगों ने उससे कहा कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "शैतान से अल्लाह की शरण माँग।" तो उसने उत्तर दिया : क्या मैं पागल हूँ?
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
''तुममें से कोई व्यक्ति उस समय तक मोमिन नहीं हो सकता, जब तक कि अपने भाई के लिए वही पसंद न करे, जो अपने लिए पसंद करता है।''
स़ह़ीह़ इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है